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सर्पदंश के बाद  के बाद ब्रेन-डैड मिमिक कंडीशन में अस्पताल लाया गया, मिला नया जीवन 

फरीदाबाद: 15 अक्टूबर, फोर्टिस अस्पताल फरीदाबाद के डॉक्टरों ने महामारी के दौरान मरीजों की देखभाल के ऊं चे मानकों को प्रदर्शति करते हुए, एक ऐसे मरीज का तत् काल इलाज किया जिसे सर्पदंश के बाद इमरजेंसी में लाया गया था। मरीज के शरीर में कोई हरकत नहीं थी और आंखों की पुतर्लयों में भी कोई मूवमेंट नहीं र्दखायी दे रही थी। मरीज को क्लीननकली ब्रेन डैड घोषित कर दिया गया था। मरीज की हालत बिगड़ती देख, डॉ रोहिि गुतिा, डायरेक्टर टरन्यूरोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट  फरीदाबाद और डॉ सुप्रदीप घोर्ष, डायरेक्टर ,क्रिटिकल केयर  के नेतृत्व  में डॉक् टरों की एक टीम ने मरीज का उपचार शुरू किया । शुरू में जो मामला एकदम सीधा-सपाट लग रहा था वह इलाज में देरी की वजह से उतना की चुनौतीपूर्ि बन गया। फरीदाबाद में खेड़ी गांव के रहने वाले इस मरीज को इलाज के र्लए अलग-अलग अस् पतालों में ले जाने के बाद फोर्टिस एस् कॉर्टिस फरीदाबाद लाया गया था। जब मरीज अस्पताल पहुंचा तो कोमाटेज स्टेट में था और उसकी आंखों की पुतर्लयों में भी कोई हरकत नहीं थी। मरीज को तुरंत वेंर्टलेटर सपोटि पर रखा गया। उसकी ब्रेन डेड कं डडशन के बारे में पता लगाने के र्लए इलैक् रोएंसेफे लोग्राफी (ईईजी), नॉन-कं रास् ट कंप्यूटेड टोमोग्राफी (एनसीसीटी) और एमआरआई करवायी गई ताकक मजस्तष् क की इलैजक्रकल एजक्टषवटी का पता लगाया जा सके। मरीज के शरीर की सावधानीपूवकि जांच में उसके पैर में सपिदंश के ननशान र्दखायी र्दए। इससे यह संके त र्मला कक मरीज को सांप ने काटा था और उसके बाद उसके शरीर में न्यूरो-मस्क्युलर पैरार्लर्सस हो गया। इलाज की प्रक्रिया के बारे िें डॉ रोहिि गुतिा ने बिाया, ”अस् पताल के इमरजेंसी षवभाग में लाने पर मरीज के स् वास् ् य की बबगड़ी जस्थनत के कारर् का पता लगाया गया। मरीज की जांच करना बेहद जरूरी था क् योंकक वह कुछ घंटों तक बेहोश रहा था। ऐसा करना काफी चुनौतीपूर्ि काम था और मरीज की हालत देखकर तो ऐसा लग रहा था कक कोई उम् मीद नहीं बची है। लेककन जब

हमने सांप के काटे के ननशान देखे तो पूरा मामला साफ हो गया, और हमने उपयुक्त उपचार मरीज को र्दया। उसे एंटी-स् नेक वेनम र्दया गया जजसके बाद मरीज ही हालत धीरे-धीरे सुधरने लगी। 2 र्दन के उपचार के बाद, ररकवरी के शुरुआती चचह्न र्दखायी देने लगे। चौथे र्दन मरीज
ने ररस् पॉन् ड करना शुरू कर र्दया था और उसने खाना खाया तथा खुद चलने-कफरने लगा। मरीज को 5वें र्दन अस् पताल से छुर्टटी दे दी गई। इस पूरे मामले में हमें मरीज की समय पर संपूर्ि जांच और हमारे षपछलेअनुभवों सेकाफी मदद र्मली और यही वजह हैकक हम मरीज का प्रभावी तरीके से इलाज कर पाए तथा मरीज को उस जस्थनत से बाहर लाने में सफल हुए जो उसे ब्रेन-डैड बता रही थी।”
श्री िोहिि मसंि, फै मसमलटी डायरेक् टर, फोहटथस एस् कॉर्टथस अस् पिाल, फरीदाबाद ने कहा, ”यह समय काफी चुनौतीपूर्ि रहा हैऔर खासतौर सेफ्रंटलाइन हैल्थके यर वकि सि के र्लए यह मुजककल दौर है। इस मामले में सभी आवक यक सावधाननयां बरती गई और षवर्भन् न षवभागों से जुड़े स्टाफ ने पूरा ध् यान रखा। हम मरीज को सावधानीपूवकि और सभी सेफ्टी प्रोटोकॉल्स का पालन करतेहुए मेडडकल
के यर उपलब् ध कराते रहेंगे।” फोहटथस िैल् र्के यर मलमिटेड के बारे िें फोर्टिस हैल् थकेयर र्लर्मटेड भारत में अग्रर्ी एकीकृत स्वास् ् य सेवा प्रदाता है। कं पनी की स् वास् ् य सेवाओं में अस् पतालों के अलावा डायग् नॉजस्टक एवं डे के यर स् पेक यर्लटी सेवाएं शार्मल हैं। कफलहाल कंपनी भारत समते दबईु , मॉरीशस और श्रीलंका में 45 हैल् थकेयर सुषवधाओं समेत (इनमें वे पररयोजनाएं भी शार्मल हैं जजन पर कफलहाल काम चल रहा है) करीब 10,000 संभाषवत बबस् तरों
एवं 378 डायग् नॉजस्टक कें द्रों का संचालन कर रही है।

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